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भारत का इतिहास (History of India in Hindi)

भारत एक समृद्ध इतिहास और संस्कृति का देश है। यह देश सिंधु घाटी सभ्यता, ऐतिहासिक व्यापार मार्गों और विशाल साम्राज्य का क्षेत्र रहा है। भारतीय उपमहाद्वीप अपने हजारों वर्षा के लंबे इतिहास में अपनी वाणिज्यिक और सांस्कृतिक संपत्ति के लिए पहचाना जाता है। चार प्रमुख विश्व धर्म, हिंदू धर्म, बौद्ध धर्म, जैन धर्म और सिख धर्म यहाँ उत्पन्न हुए हैं, जबकि पारसी, यहूदी, इस्लाम और ईसाई धर्म पहली सहस्राब्दी ई। में भारतवर्ष पहुंचे और क्षेत्र की विविध संस्कृति में घुलमिल गए। भारत ने 1947 में स्वतंत्रता हासिल की और धर्मानिर्पेक्ष भारत का निर्माण हुआ। भारत का स्वतंत्रता संग्राम महात्मा गाँधी के अहिंसात्मक प्रतिरोध के लिए विश्व भर में जाना जाता है। स्वतंत्रता उपरांत भारत एक आधुनिक राष्ट्र के रूप में विकसित हुआ और वर्त्तमान में विश्व का सबसे बड़ा प्रजातंत्र है। भारत के इतिहास को चार प्रमुख युगों, प्राचीन युग, मध्यकालीन युग, आधुनिक युग और आजादी के बाद के युग में बांटा जा सकता है।

भारतवर्ष में मानव वास का सबसे पुराना प्रमाण मध्य प्रदेश के भीमबेटका के पाषाण आश्रय में पाया गया है। भीमबेटका के चित्र मानव जीवन के सबसे पुराने ज्ञात का एक अहम प्रतीक हैं। भारत में पहली ज्ञात स्थायी बस्ती 9,000 से अधिक वर्षों पुरानी है जो धीरे - धीरे 3300 ईसा पूर्व में सिंधु घाटी सभ्यता के रूप में विकसित हुई। सिंधु घटी सभ्यता ने वैदिक सभ्यता की नीव राखी जो हिंदू धर्म और भारत के अन्य सांस्कृतिक पहलुओं के रूप में इतिहास में चिन्हित हुआ। लगभग 550 ईसा पुर्वोपरांत, कई स्वतंत्र राज्य और गणराज्य महाजनपद के रूप में देश भर में स्थापित हुए।

तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व में सम्राट अशोक ने दक्षिण एशिया को सयुंक्त कर मौर्य साम्राज्य की इस्थापना की। यूनानी, स्क्य्थिंस, पारथी और कुषाण के नेतृत्व में 180 ईसा पूर्व में मध्य एशिया से उत्तर पश्चिमी भारतीय उपमहाद्वीप पे हमलों की एक श्रृंखला शुरू हुई। तीसरी शताब्दी से छठी शताब्दी तक भारत में गुप्त साम्राज्य की हुकूमत रही जिसे भारतीय इतिहास में स्वर्ण युग के रूप में जाना जाता है। चालुक्य, राष्ट्रकूट, होयसला, पल्लव, पंड्या, और चोल इस दौर के दक्षिण भारत के उल्लेखनीय साम्राज्य हैं। विज्ञान, यांत्रिकी, कला, साहित्य, खगोल विज्ञान और दर्शन इन राजाओं के संरक्षण में फला - फूला। उदाहरण के लिए, औरंगाबाद (महाराष्ट्र) के अजंता गुफाओं में चित्र छठी सदी में बनाये गए।

मध्य एशिया से 10 वीं और 12 वीं शताब्दी के बीच आक्रमणों के बाद उत्तर भारत दिल्ली सल्तनत के अधीन आया, और बाद में मुगल राजवंश ने भारत पे शासन किया। मुगल सम्राटों ने धीरे - धीरे अपने राज्य का विस्तार पुरे उपमहाद्वीप पर कर लिया। फिर भी, विजयनगर साम्राज्य के रूप में कई अन्य देशी राज्य, दक्षिण भारत में स्थापित रहे। 17 वीं और 18 वीं सदी में मुगल सर्वोच्चता समाप्त हुई और मराठा साम्राज्य एक प्रमुख शक्ति बन कर उबरा। 16 वीं सदी से, पुर्तगाल, नीदरलैंड, फ्रांस, और ब्रिटेन सहित कई यूरोपीय देशों ने व्यापारियों के रूप में पहुंचना शुरू कर दिया और बाद में राज्यों के आपसी मदभेदों का फायदा उठाते हुए देश में अपने उपनिवेशों की स्थापना की।

बीसवीं सदी के शुरुआती दौर में, स्वतंत्रता के लिए एक राष्ट्रव्यापी संघर्ष हुआ। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और अन्य राजनीतिक संगठनों द्वारा शुरू किये गए इस संग्राम का उद्देश्य भारत को आज़ादी दिलाना था। महात्मा गांधी के नेतृत्व में अहिंसा के लिए प्रतिबद्धता प्रदर्शित करते हुए लाखों प्रदर्शनकारियों ने सविनय अवज्ञा का पालन किया और एक बड़े पैमाने पे स्वतंत्रता संग्राम में भाग लिया। अंततः 15 अगस्त 1947 को भारत ने ब्रिटिश शासन से स्वतंत्रता प्राप्त किया, लेकिन मुस्लिम लीग की इच्छा के अनुसार भारत को दो भागो में विभाजित किया गया। विभाजन के उपरांत भारत एक धर्मनिरपेक्ष राज्य के रूप में स्थापित हुआ और पाकिस्तान एक इस्लामी राष्ट्र बना। तीन साल बाद, 26 जनवरी 1950 को भारत का नया संविधान प्रभाव में आया और भारत एक गणतंत्र बन गया।

भारत का इतिहास पूर्व और पश्चिम के सम्मिलन से परिपूर्ण है। भारत हमेशा से आक्रमणकारियों के लिए एक स्वर्ग रहा है, परन्तु अपनी प्राकृतिक अलगाव और आकर्षक धर्मों द्वारा यह देश सभी आक्रमणकारियों को स्वयं में अवशोषित करता गया। कोई फर्क नहीं पड़ता कि कितने फारसी, यूनानी, चीनी, अरब, पुर्तगाली, अंग्रेजों और अन्य हमलावरों ने इस महान देश में धावा बोला, इस देश ने सबको शरण दिया और अंततः संस्कृति, धर्म, भाषा की विविधता से भरे नव भारत का जन्म हुआ।