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खुला आसमान

बहुत दिनों बाद खुला आसमान!
निकली है धूप, खुश हुआ जहान!

 

दिखी दिशाएँ, झलके पेड़,
चरने को चले ढोर--गाय-भैंस-भेड़,
खेलने लगे लड़के छेड़-छेड़,
लड़कियाँ घरों को कर भासमान!

 

लोग गाँव-गाँव को चले,
कोई बाजार, कोई बरगद के पेड़ के तले,
जाँघिया-लँगोटा ले सँभले,
तगड़े-तगड़े सीधे नौजवान!

 

पनघट में बड़ी भीड़ हो रही,
नहीं ख्याल आज कि भीगेगी चूनरी,
बातें करती हैं वे सब खड़ी,
चलते हैं नयनों के बाण!


Nine Unknown Men

Nine Unknown Men are a two millennia-old secret society founded by the Indian Emperor Asoka.